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'नशीला पदार्थ देकर घंटों किया दुष्कर्म', अमेरिका की यूनिवर्सिटी में दरिंदगी; 7 स्टूडेंट्स के खिलाफ केस दर्ज

अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से जुड़ा 2024 का कथित यौन हिंसा का मामला एक नई कानूनी कार्रवाई के बाद फिर चर्चा में है। एक पूर्व छात्रा ने यूनिवर्सिटी और Chi Phi fraternity के सात पुरुष सदस्यों के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अक्टूबर 2024 में छात्रा को नशीला पदार्थ दिए जाने के बाद कई घंटों तक उसका यौन उत्पीड़न किया गया। ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया जब Tompkins County District Attorney Matthew Van Houten ने जांच दोबारा देखने की बात कही। पहले अभियोजन कार्यालय ने पुलिस जांच की समीक्षा के बाद आपराधिक आरोप लगाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं होने की बात कही थी। अब मामले को ग्रैंड ज्यूरी के सामने रखने की संभावना जताई गई है।

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'नशीला पदार्थ देकर घंटों किया दुष्कर्म', अमेरिका की यूनिवर्सिटी में दरिंदगी; 7 स्टूडेंट्स के खिलाफ केस दर्ज

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी का पुराना मामला फिर सुर्खियों में

अमेरिका की प्रतिष्ठित Cornell University में 2024 में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने एक नए सिविल मुकदमे और जांच दोबारा शुरू होने की खबरों के बाद फिर तूल पकड़ लिया है।

एक पूर्व छात्रा, जिसे कानूनी दस्तावेजों में Jane Doe के नाम से पहचाना गया है, ने यूनिवर्सिटी और Chi Phi fraternity से जुड़े सात पुरुष छात्रों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। शिकायत के अनुसार, घटना अक्टूबर 2024 में न्यूयॉर्क के इथाका स्थित fraternity house में हुई थी।

छात्रा ने क्या आरोप लगाए?

सिविल शिकायत के मुताबिक, उस समय छात्रा की उम्र 20 वर्ष थी और वह कैंपस की एक sorority से जुड़ी थी। आरोप है कि वह एक दोस्त से मिलने Chi Phi fraternity house गई थी।

मुकदमे में दावा किया गया है कि वहां दो छात्रों ने उस पर ऐसा पदार्थ लेने के लिए दबाव बनाया जिसे कथित तौर पर ketamine बताया गया था। इसके बाद शिकायत के अनुसार छात्रा की हालत ऐसी हो गई कि वह पूरी तरह से अपने बचाव की स्थिति में नहीं थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद कई पुरुष छात्रों ने उसका यौन उत्पीड़न किया और यह घटना कई घंटों तक चली। अदालत में दायर शिकायत में घटना के दौरान fraternity के ग्रुप चैट में किए गए कथित संदेशों का भी उल्लेख किया गया है।

महत्वपूर्ण: ये सभी आरोप सिविल मुकदमे में लगाए गए हैं और अभी अदालत द्वारा तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किए गए हैं।

सात छात्रों के खिलाफ सिविल मुकदमा

मामले में कुल सात पुरुष छात्रों को आरोपी पक्ष के रूप में नामित किया गया है। पूर्व छात्रा ने Cornell University और fraternity से जुड़े अन्य पक्षों को भी मुकदमे में प्रतिवादी बनाया है।

मुकदमे में लापरवाही, निगरानी में कमी और राज्य के कानूनों के कथित उल्लंघन सहित कई दावे किए गए हैं। छात्रा मुआवजे और दंडात्मक हर्जाने की मांग कर रही है।

पहले आपराधिक आरोप क्यों नहीं लगे?

मामले की रिपोर्ट Cornell University Police को नवंबर 2024 में की गई थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने Title IX के तहत जांच शुरू की।

Tompkins County District Attorney's Office ने पुलिस जांच की समीक्षा के बाद पहले कहा था कि आपराधिक आरोप लगाने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं थे। इसी वजह से उस समय मामला आपराधिक अभियोजन तक नहीं पहुंचा।

अब हालिया सिविल मुकदमे में सामने आए दावों और अन्य सामग्री के बाद जिला अटॉर्नी कार्यालय मामले की फिर से समीक्षा कर रहा है।

अब दोबारा जांच की तैयारी

रिपोर्टों के मुताबिक, District Attorney Matthew Van Houten ने कहा है कि उनका कार्यालय मामले को दोबारा देख रहा है और छात्रा की सहमति होने पर इसे ग्रैंड ज्यूरी के सामने पेश करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

इसका मतलब यह नहीं है कि सातों छात्रों के खिलाफ अपराध साबित हो गया है। आपराधिक कार्यवाही की स्थिति में अभियोजन को अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोप साबित करने होंगे।

यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?

Cornell University ने कहा है कि उसके Office of Civil Rights और Office of Student Conduct and Community Standards ने आरोपों की जांच और सुनवाई विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार की।

यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि Chi Phi की Xi chapter को कैंपस से प्रतिबंधित किया गया है। व्यक्तिगत छात्रों पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई की पूरी जानकारी यूनिवर्सिटी ने संघीय गोपनीयता कानूनों का हवाला देते हुए सार्वजनिक नहीं की।

Cornell के मुताबिक, उसने 2024 की घटना के बाद Presidential Task Force on Campus Sexual Assault भी गठित किया था। इस टास्क फोर्स की मार्च 2026 की रिपोर्ट की कई सिफारिशों पर काम शुरू किए जाने की जानकारी भी यूनिवर्सिटी ने दी है।

आरोपी पक्ष का क्या कहना है?

मामले में कम से कम एक आरोपी के वकील ने आरोपों से इनकार किया है। बचाव पक्ष का कहना है कि उसके पास ऐसे दस्तावेज, तीसरे पक्ष के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर वह शिकायत में लगाए गए आरोपों को चुनौती देगा।

इसलिए मामले की मौजूदा स्थिति में आरोप, यूनिवर्सिटी की आंतरिक कार्रवाई और आपराधिक जिम्मेदारी—इन तीनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

सोशल मीडिया और सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच मामला

सिविल मुकदमा सामने आने के बाद मामले को लेकर अमेरिका में व्यापक सार्वजनिक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अभिनेत्री Florence Pugh ने भी सोशल मीडिया पर कथित घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी और यौन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

हालांकि, किसी सेलिब्रिटी या सार्वजनिक व्यक्ति की प्रतिक्रिया मामले में आरोपों के कानूनी निर्धारण का विकल्प नहीं है। सातों छात्रों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया में ही होना है।

आगे क्या होगा?

अब जिला अटॉर्नी कार्यालय की दोबारा समीक्षा इस मामले का अगला महत्वपूर्ण चरण है। अगर अभियोजन पक्ष को पर्याप्त अतिरिक्त साक्ष्य मिलते हैं, तो मामला ग्रैंड ज्यूरी के सामने जा सकता है।

वहीं, पूर्व छात्रा का सिविल मुकदमा अलग प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि शिकायत में लगाए गए कानूनी दावों के संबंध में प्रतिवादियों की कोई कानूनी जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

फिलहाल सात छात्रों के खिलाफ लगाए गए यौन हिंसा के आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं, जबकि मामले की दोबारा समीक्षा ने 2024 की घटना को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।

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