G20 बैठक में जयशंकर का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, बोले- रणनीतिक हितों के लिए आतंकी खतरों को नजरअंदाज न करें
अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के खतरे को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रणनीतिक और राजनीतिक हितों के कारण आतंकवाद के खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति को मौका देने पर भी जोर दिया।
लेखक
Jyoti Mukherjee

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान आतंकवाद को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक और राजनीतिक हितों की गणना के कारण आतंकवाद के खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जयशंकर के अनुसार, आतंकवाद एक बेहद जोखिम भरी गतिविधि है, जिसके गंभीर परिणाम अंततः उसे बढ़ावा देने वालों को भी भुगतने पड़ सकते हैं।
जयशंकर ने G20 बैठक के पहले पूर्ण सत्र (Plenary Session) में अपने संबोधन के दौरान यह टिप्पणी की। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद का मुद्दा लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस बयान को पिछले लगभग डेढ़ साल के दौरान अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़े संपर्कों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अवधि में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ करीबी संपर्क बनाए रखा है। हालांकि, जयशंकर ने अपने संबोधन में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर भारतीय नागरिकों के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी उल्लेख किया है, जिसमें आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक मुखर हुआ है।
G20 बैठक के दौरान जयशंकर ने केवल आतंकवाद ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य प्रमुख संघर्षों पर भी अपनी बात रखी। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी युद्धों की ओर अप्रत्यक्ष संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच केवल सैन्य समाधान काम नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में कूटनीति को अवसर दिया जाना चाहिए।
विदेश मंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष, सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और कूटनीतिक तनाव बने हुए हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयास और बातचीत के माध्यम से विवादों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि वैश्विक चुनौतियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक समाधान जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। जयशंकर की टिप्पणियों ने इस बैठक में आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से सामने रखा।
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