फेयरफोर्ड एयरबेस पर हमले की साजिश में विदेशी देश की भूमिका की जांच कर रहा UK, रिहा किए जाएंगे संदिग्ध
ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस के पास कथित आतंकी साजिश के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को पुलिस ने जमानत पर रिहा कर दिया है। ब्रिटिश काउंटर-टेररिज्म पुलिस अब इस बात समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है कि क्या संदिग्ध किसी विदेशी देश के लिए सीधे या परोक्ष रूप से काम कर रहे थे। ईरान से संभावित संबंध की भी जांच की जा रही है, हालांकि ईरान ने किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
लेखक
Vinay Mishra
RAF Fairford के पास क्या हुआ?
लंदन: ब्रिटेन में अमेरिकी वायुसेना के इस्तेमाल वाले RAF Fairford एयरबेस के पास कथित आतंकी साजिश की जांच तेज हो गई है। ब्रिटिश काउंटर-टेररिज्म पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए पांच ब्रिटिश नागरिकों को पूछताछ और जांच के बाद पुलिस बेल पर रिहा किया जा रहा है, लेकिन वे अभी भी जांच के दायरे में हैं।
पांचों संदिग्ध लंदन के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है। उन्हें रविवार सुबह ग्लॉस्टरशायर के Whelford इलाके में तीन संदिग्ध वैन मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन्हें Explosives Act के तहत अपराधों और आतंकवादी कृत्य की तैयारी के संदेह में हिरासत में लिया था।
विदेशी देश की भूमिका की भी जांच
ब्रिटेन की काउंटर-टेररिज्म पुलिस के प्रमुख लॉरेंस टेलर ने कहा कि जांच एजेंसियां इस घटना को हर संभावित कोण से देख रही हैं। इसमें यह संभावना भी शामिल है कि संदिग्ध किसी विदेशी देश के प्रॉक्सी या उसके लिए काम करने वाले लोगों के तौर पर सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि किसी विदेशी सरकार का इस घटना में हाथ था।
अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों में ईरान से संभावित संबंध की जांच का भी उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों में रूस या गैर-राज्य उग्रवादी समूहों से जुड़े संभावित कोणों की भी बात कही गई है। जांच अभी जारी है और किसी एक स्रोत को जिम्मेदार ठहराने के लिए सार्वजनिक रूप से निर्णायक सबूत सामने नहीं रखा गया है।
ईरान ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में ईरान की भूमिका की अटकलों के बीच ईरानी दूतावास ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है। ईरान ने ब्रिटेन में सामने आई उन अटकलों को खारिज किया है जिनमें RAF Fairford के पास गिरफ्तारियों को ईरान से जोड़ने की कोशिश की गई है।
इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि कथित साजिश के पीछे कोई विदेशी सरकार थी। ब्रिटिश पुलिस ने भी कहा है कि जांच में कई संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है और अधिकारियों को निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच करनी होगी।
संदिग्धों को क्यों रिहा किया गया?
पांचों लोगों को गिरफ्तार करने के बाद अधिकारियों ने उनसे व्यापक पूछताछ की। काउंटर-टेररिज्म पुलिस के अनुसार, “extensive interviews and enquiries” के बाद उन्हें पुलिस बेल पर रिहा करने का फैसला लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि जांच समाप्त हो गई है।
रिहा किए गए लोगों पर आवाजाही और दूसरे लोगों से संपर्क को लेकर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। वे अभी भी जांच के अधीन हैं और आगे की जांच के आधार पर पुलिस उनसे दोबारा पूछताछ कर सकती है।
तीन वैन ने बढ़ाई थी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
पुलिस को रविवार तड़के एक स्थानीय व्यक्ति से सूचना मिली थी कि एयरबेस की दिशा में जाने वाले इलाके में तीन संदिग्ध वैन दिखाई दी हैं। इसके बाद सशस्त्र पुलिस मौके पर पहुंची और पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। घटना के बाद इलाके में बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया गया।
कुछ समय के लिए आसपास के इलाके में सुरक्षा घेरा बनाया गया और स्थानीय निवासियों को भी प्रभावित क्षेत्र से हटाया गया। जांच के दौरान सैन्य और बम-निरोधक संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।
RAF Fairford क्यों महत्वपूर्ण है?
RAF Fairford ब्रिटेन का एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है और इसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना भी करती रही है। हाल के ईरान संघर्ष के दौरान भी यहां से अमेरिकी सैन्य अभियानों से जुड़ी गतिविधियां हुई हैं। इसी कारण मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच एयरबेस के आसपास हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी घटना के पीछे किसी विदेशी अभिनेता की भूमिका होने की बात कही, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत सबूत नहीं दिया। ब्रिटिश जांच एजेंसियां फिलहाल मामले की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं।
जांच अभी जारी, निष्कर्ष का इंतजार
ब्रिटिश काउंटर-टेररिज्म पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले घटना के मकसद या इसके पीछे किसी देश की भूमिका को लेकर अटकलों से बचा जाए। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में कई जांच-पड़ताल की लाइनें खुली हैं।
फिलहाल पांचों संदिग्ध आरोपित या दोषी घोषित नहीं किए गए हैं। उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है और जांच जारी है। विदेशी देश की संभावित भूमिका, संदिग्धों की मंशा और एयरबेस को लेकर उनकी गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति आने वाले दिनों में जांच के नतीजों से स्पष्ट हो सकती है।
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