Contempt case: Delhi HC gives Kejriwal, AAP leaders four weeks to reply
दिल्ली हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य AAP नेताओं को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
Written by
Jyoti Mukherjee
New Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के अन्य नेताओं को आपराधिक अवमानना मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। मामला दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक और उन्हें बदनाम करने वाले पोस्ट से संबंधित है।
कोर्ट ने 16 नवंबर को अगली सुनवाई तय की
जस्टिस नवीन चावला और अरुण भारद्वाज की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि अवमानना कार्यवाही का आधार बनाए गए सभी दस्तावेज और सामग्री उन्हें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पीठ ने रजिस्ट्री को संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और इसके बाद सभी उत्तरदाताओं को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी।
किन AAP नेताओं के नाम मामले में हैं?
कार्यवाही में केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, विनय मिश्रा और दुर्गेश पाठक समेत अन्य लोगों के नाम हैं। अलग से दायर एक अवमानना याचिका में AAP नेता गोपाल राय और पत्रकार सौरव दास का नाम भी शामिल है।
अदालत के समक्ष यह आरोप है कि सोशल मीडिया पर जस्टिस शर्मा के खिलाफ एक कथित अभियान चलाया गया। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़ी हाईकोर्ट की कार्यवाही की पृष्ठभूमि में सामने आया। 14 मई 2026 को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी।
अदालत के आदेश में कुछ पोस्ट और वीडियो के संबंध में आरोपों का उल्लेख किया गया था। इनमें न्यायाधीश की राजनीतिक संबद्धता को लेकर कथित दावे और एक भाषण के संपादित वीडियो से जुड़े आरोप भी शामिल थे।
आरोपों पर AAP नेताओं का पक्ष क्या है?
कार्यवाही के दौरान केजरीवाल और अन्य नेताओं की ओर से यह कहा गया कि मामले का आधार बनने वाली कुछ सामग्री उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसी के बाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
अब चार सप्ताह की अवधि में जवाब दाखिल किए जाने के बाद अदालत मामले में आगे की कार्यवाही पर विचार करेगी। फिलहाल अवमानना के आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है।
अलग याचिका भी 16 नवंबर को होगी सूचीबद्ध
वकील अशोक चैतन्य की ओर से दायर एक अलग अवमानना याचिका भी 16 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। इसमें केजरीवाल और कुछ अन्य लोगों पर जस्टिस शर्मा के खिलाफ कथित सोशल मीडिया अभियान में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
मामले की अगली सुनवाई में अदालत उत्तरदाताओं की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाबों और रिकॉर्ड पर आगे विचार करेगी।
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Tags: Category: India / Legal News
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