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CM रेवंत रेड्डी का KCR पर तीखा हमला, 1000 दिन फार्महाउस में बिताने का आरोप; नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे की मांग

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) प्रमुख और नेता प्रतिपक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर तीखा हमला बोला है। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि KCR पिछले करीब 1,000 दिनों से सार्वजनिक जीवन और विधानसभा से दूर रहते हुए फार्महाउस तक सीमित हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से KCR के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की अपील की है। उन्होंने विधानसभा में KCR को BRS के 10 साल के शासन और कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के कामकाज पर बहस की चुनौती भी दी।

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CM रेवंत रेड्डी का KCR पर तीखा हमला, 1000 दिन फार्महाउस में बिताने का आरोप; नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे की मांग

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) आमने-सामने हैं। कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के मौके पर रेवंत रेड्डी ने BRS प्रमुख पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह पिछले करीब 1,000 दिनों से फार्महाउस तक सीमित हैं और जनता तथा विधानसभा से दूरी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने KCR से नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 1 से 6 सितंबर तक KCR के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने को कहा है। उन्होंने 6 सितंबर को हैदराबाद के इंदिरा पार्क में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। तेलंगाना विधानसभा का सत्र 7 सितंबर से शुरू होना है, ऐसे में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

'1000 दिन फार्महाउस में रहे KCR'

रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि KCR ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं और लंबे समय से सार्वजनिक गतिविधियों से दूर हैं। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या देश में कोई ऐसा नेता प्रतिपक्ष है जो इतने लंबे समय तक जनता से दूर रहा हो।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर KCR वास्तव में तेलंगाना के हितों की चिंता करते हैं तो उन्हें विधानसभा में आकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने चाहिए।

KCR को विधानसभा में बहस की चुनौती

रेवंत रेड्डी ने KCR को सीधे विधानसभा में बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वह BRS सरकार के 10 साल के शासन और कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के कामकाज पर आमने-सामने चर्चा के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में वह अपनी सरकार के कामकाज का हिसाब देने को तैयार हैं और KCR भी अपने 10 साल के शासन का रिकॉर्ड सामने रखें।

KCR की सैलरी और सुरक्षा पर भी उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने KCR पर हमला करते हुए उनके नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। रेवंत रेड्डी के मुताबिक, करीब 1,000 दिनों की अवधि में KCR को लगभग 1.24 करोड़ रुपये वेतन मिला, जबकि सरकार ने उनकी सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च किए।

रेवंत रेड्डी ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि जब एक सरकारी कर्मचारी लंबे समय तक ड्यूटी पर नहीं आता तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, तो नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी नहीं निभाने पर क्या होना चाहिए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन की अपील

मुख्यमंत्री ने KCR के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लगातार छह दिन प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने 6 सितंबर को इंदिरा पार्क में बड़े विरोध कार्यक्रम की बात कही है।

यह रणनीति ऐसे समय अपनाई गई है जब कांग्रेस सरकार अपने 1,000 दिन पूरे कर रही है और BRS भी सरकार के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक अभियान चला रही है।

रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी रखा

KCR पर हमले के साथ ही रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने गरीब परिवारों के लिए इंदिरम्मा आवास, किसानों के लिए योजनाओं, सरकारी नौकरियों, SC वर्गीकरण और BC जाति जनगणना समेत कई फैसलों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार तेलंगाना को पिछली सरकार के कथित वित्तीय संकट से निकालकर विकास की दिशा में आगे ले जा रही है।

BRS ने भी खोला मोर्चा

रेवंत रेड्डी के हमले के बाद BRS की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वरिष्ठ BRS नेता टी. हरीश राव ने मुख्यमंत्री के बयानों की आलोचना की और उनसे माफी मांगने की मांग की। BRS ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए अपनी सरकार के प्रदर्शन से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

हरीश राव की प्रतिक्रिया के बाद साफ है कि दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।

विधानसभा सत्र से पहले बढ़ा सियासी पारा

तेलंगाना विधानसभा का अगला सत्र 7 सितंबर से शुरू होना है। ऐसे में KCR की विधानसभा में मौजूदगी और विपक्ष की भूमिका पहले से ही राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सदन में BRS के शासन और अपनी सरकार के कामकाज की तुलना करने के लिए तैयार हैं।

इससे आगामी विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना बढ़ गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह टकराव?

तेलंगाना में 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सत्ता में आई और KCR की BRS विपक्ष में चली गई। KCR ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और बाद में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका संभाली।

अब कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पूरे होने पर रेवंत रेड्डी का यह हमला केवल KCR की व्यक्तिगत राजनीतिक सक्रियता तक सीमित नहीं है। इसके जरिए कांग्रेस अपने 1,000 दिनों के शासन बनाम BRS के 10 साल के शासन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

कुल मिलाकर, रेवंत रेड्डी और KCR के बीच सियासी लड़ाई एक नए चरण में पहुंचती दिख रही है। मुख्यमंत्री जहां KCR की सार्वजनिक और विधानसभा में अनुपस्थिति को मुद्दा बनाकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं BRS पलटवार कर कांग्रेस सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठा रही है। अब नजर 7 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र पर रहेगी, जहां यह राजनीतिक टकराव सदन के भीतर भी देखने को मिल सकता है।

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