राष्ट्रीय समाचार

असम: 103 साल की बुजुर्ग महिला की दरियादिली ने जीते लोगों के दिल, बाढ़ पीड़ित 77 परिवारों को दान कर दी जिंदगीभर की कमाई

असम की 103 वर्षीय कनकलता दास ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपनी जिंदगीभर की बचत बाढ़ प्रभावित परिवारों को दान कर दी। उन्होंने 77 बाढ़ पीड़ित परिवारों को 2,000-2,000 रुपये की आर्थिक मदद दी। कुल 1.54 लाख रुपये की यह रकम उन्होंने वर्षों में बचाई थी। उनकी दरियादिली से जिला प्रशासन और स्थानीय लोग भी भावुक हो गए।

Share
असम: 103 साल की बुजुर्ग महिला की दरियादिली ने जीते लोगों के दिल, बाढ़ पीड़ित 77 परिवारों को दान कर दी जिंदगीभर की कमाई

103 साल की उम्र में इंसानियत की मिसाल, बाढ़ पीड़ितों के लिए दान कर दी जिंदगीभर की बचत

असम: उम्र के इस पड़ाव पर जब ज्यादातर लोग अपने आराम और जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं, असम की 103 वर्षीय कनकलता दास ने ऐसा काम किया है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अपनी जिंदगीभर की बचत यानी 1.54 लाख रुपये दान कर दी।

कनकलता दास सोनितपुर जिले के माजरोमारी गांव की रहने वाली हैं। असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवारों की मुश्किलों के बारे में पता चलने के बाद उन्होंने मदद करने का फैसला किया। इसके बाद वह खुद सिवसागर पहुंचीं और जिला प्रशासन के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक अपनी बचत पहुंचाई।

77 परिवारों को दिए 2-2 हजार रुपये

कनकलता दास ने सिवसागर के जिला आयुक्त कार्यालय में 77 बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी। उन्होंने प्रत्येक परिवार को 2,000 रुपये दिए। इस तरह कुल 1,54,000 रुपये की राशि बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटी गई।

खास बात यह है कि यह पैसा किसी संस्था या सरकारी योजना से नहीं, बल्कि कनकलता दास की अपनी वर्षों की बचत से आया था।

103 साल की उम्र में किया लंबा सफर

कनकलता दास की कहानी सिर्फ उनकी आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। 103 वर्ष की उम्र में उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए करीब 264 किलोमीटर का सफर तय किया।

वह अपने गांव से सिवसागर पहुंचीं और वहां जिला प्रशासन को अपनी बचत सौंपकर यह सुनिश्चित किया कि मदद सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।

जिला आयुक्त ने लिया आशीर्वाद

कनकलता दास की इस पहल से सिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव भी प्रभावित हुए। उन्होंने बुजुर्ग महिला के इस निस्वार्थ कदम की सराहना की और उनका आशीर्वाद लिया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके इस कार्य को मानवता, करुणा और नागरिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया। उनकी पहल ने यह संदेश दिया कि दूसरों की मदद करने के लिए बड़ी उम्र, बड़ी संपत्ति या किसी विशेष पद की जरूरत नहीं होती।

असम में बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित

कनकलता दास की यह मदद ऐसे समय में सामने आई है जब असम के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित रहे हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित की है।

सिवसागर, चराइदेव और जोरहाट समेत ऊपरी असम के कई इलाकों में बाढ़ से घरों, सड़कों और खेती को नुकसान पहुंचा है। राहत और पुनर्वास के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।

जब बड़ी मदद से ज्यादा मायने रखता है जज्बा

कनकलता दास ने प्रत्येक परिवार को भले ही 2,000 रुपये दिए हों, लेकिन उनकी मदद की अहमियत रकम से कहीं ज्यादा है। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में जमा की गई रकम को अपने लिए बचाकर रखने के बजाय उन लोगों के लिए दे दिया, जिन्हें बाढ़ के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उनकी कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है। कई लोगों ने उनके इस कदम को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें सलाम किया।

103 साल की उम्र में दिया इंसानियत का बड़ा संदेश

कनकलता दास की कहानी यह बताती है कि मदद करने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने अपनी जिंदगीभर की कमाई जरूरतमंदों को देकर न केवल 77 परिवारों की मदद की, बल्कि समाज के सामने करुणा और इंसानियत की एक मिसाल भी पेश की।

बाढ़ से जूझ रहे असम में 103 साल की इस बुजुर्ग महिला का छोटा-सा नहीं, बल्कि दिल से किया गया बड़ा योगदान लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in राष्ट्रीय समाचार

सभी देखें
यूपी के सुल्तानपुर में राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों में टक्कर, कांग्रेस नेता सुरक्षित
Breaking

राष्ट्रीय समाचार

यूपी के सुल्तानपुर में राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों में टक्कर, कांग्रेस नेता सुरक्षित

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में मानहानि मामले की सुनवाई के लिए जा रहे राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां कथित तौर पर दुर्घटना का शिकार हो…

1 min read
स्कूल नहीं गईं, फिर भी पति की हिरासत में मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचीं लेहरा बाई
Breaking

राष्ट्रीय समाचार

स्कूल नहीं गईं, फिर भी पति की हिरासत में मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचीं लेहरा बाई

छत्तीसगढ़ की 35 वर्षीय लेहरा बाई ने अपने पति श्रवण सूर्यवंशी तामरे की कथित हिरासत में मौत के मामले में दो साल से अधिक समय तक कानूनी लड़ाई लड…

2 min read
‘ड्रग कार्टेल पर कड़ा प्रहार करेगा भारत’, अमित शाह ने ऑपरेशन ट्राइडेंट की सराहना की
Breaking

राष्ट्रीय समाचार

‘ड्रग कार्टेल पर कड़ा प्रहार करेगा भारत’, अमित शाह ने ऑपरेशन ट्राइडेंट की सराहना की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ की गई छापेमारी में 18 लोगों को गिरफ्तार किय…

1 min read
खड़गे की टिप्पणी पर BJP का देशव्यापी प्रदर्शन, दिल्ली में मकान ढहने से 2 लोगों की मौत
Breaking

राष्ट्रीय समाचार

खड़गे की टिप्पणी पर BJP का देशव्यापी प्रदर्शन, दिल्ली में मकान ढहने से 2 लोगों की मौत

26 अक्टूबर 2026 की प्रमुख खबरों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर कथित टिप्पणी के विरोध…

3 min read
JP से अन्ना हजारे तक CJP: विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकारें क्यों उठाती हैं ‘विदेशी हाथ’ का मुद्दा?
Breaking

राष्ट्रीय समाचार

JP से अन्ना हजारे तक CJP: विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकारें क्यों उठाती हैं ‘विदेशी हाथ’ का मुद्दा?

भारत में बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारों और सत्तारूढ़ दलों ने कई बार ‘विदेशी हाथ’ और देश को अस्थिर करने की कोशिश जैसे आरोपों का सहारा…

2 min read
RG कर केस: पीड़िता के पिता बोले- CBI से ज्यादा भरोसा सुवेंदु अधिकारी पर, जांच पर उठाए सवाल
Breaking

राष्ट्रीय समाचार

RG कर केस: पीड़िता के पिता बोले- CBI से ज्यादा भरोसा सुवेंदु अधिकारी पर, जांच पर उठाए सवाल

कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़िता के परिवार ने CBI जांच पर असंतो…

2 min read